Politics

रोहित वेमुला मामले में तेलंगाना पुलिस द्वारा खात्मा रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है।

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रोहित वेमुला हैदराबाद विश्वविद्यालय में Ph D के छात्र थे। उन्हे शोध के दौरान मिलने वाला भत्ता भी प्राप्त हो रहा था। रोहित दलित थे और विश्वविद्यालय में दलित राजनीति में सक्रिय थे। 2015 में विश्वविद्यालय की ओर से उनका...
Business

“परिवर्तन की कदम चूमती चाल: भारतीय जूतों का नया अध्याय आराम और मानकों में।”

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बचपन में जब नए जूते खरीदे जाते थे तो कभी कभी बड़ी विडम्बना का सामना करना पड़ता था। शुरुआती कुछ दिनों तक जूता पैर पर तंग रहता था और साधारण गुणवत्ता का चमड़ा या प्लास्टिक होने से पैर के पंजे...
Dharm / History

हमी माता(शंभू माता) नो मेलो

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झाबुआ अंचल के भील वनवासी समाज के प्रमुख त्यौहारों में से एक त्यौहार है, हमी माता नो मेलो। यह मेला पांच दिवसीय होता हैं लेकिन मुख्य रूप से यह हनुमान जन्मोत्सव अर्थात् पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। शंभू माता...
Dharm

हनुमान जयंती विशेष

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यह प्रसंग सुंदरकांड का है। जब हनुमान जी माता सीता के सामने अशोक वाटिका में स्वयं को प्रस्तुत करते हैं और उन्हें यह विश्वास दिला देते हैं कि वह श्री राम के दूत है और यह भी कि शीघ्र ही...
Politics

आखिर कांग्रेस को संघ से दिक्‍कत क्‍या है?

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8 वर्ष के एक बच्‍चे ने अपने स्‍कूल में ब्रिटिश रानी विक्‍टोरिया के जन्‍मदिन पर बॉंटी जा रही मिठाई फेंक दी थी, क्‍योंकि उनका मानना था कि यह परतंत्रता की निशानी है। आखिर जिन अंग्रेजों ने भारत को परतंत्र बना...
History

‘गणगौर ‘..निमाड़, मालवा का महोत्सव..

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भारतीय संस्कृति की कहानी एकता,समाधानों के समन्वय एवं प्राचीन परंपराओं के उन्नति की कहानी है। संस्कृति का सामान्य सा आशय संबंधित है,रीति - रिवाजों, प्रवृत्तियों और मूल्यों के संगठित और दृढ़ ताने - बाने से जो एक पीढी से दूसरी...
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श्री राम की महिमा

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हिन्दू धर्म में कहा जाता है कि तेहतीस करोड़ देवी देवता हैं। केंद्र में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तो हैं ही। विष्णु के भी दशावतार हैं। लेकिन इन सब के बावजूद श्रीराम की महिमा अवर्णनीय है। उत्तर से दक्षिण तक...
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बाजीराव द्वितीय

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आज 18 अगस्त के ही दिन सन 1748 में भारत के महानतम सेनापति बाजीराव प्रथम का बीमारी की वजह से चालीस वर्ष की अल्पायु में देहावसान हुआ था। बाजीराव असाधारण रणनीतिज्ञ थे और अपने रणकौशल के बल पर संख्या में...
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चिमाजी अप्पा

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इतिहास कुछ लोगों के साथ बड़ा अन्याय करता है और उन्हें जन मानस में वह स्थान नहीं दिलवा पाता जिसके वे अधिकारी होते हैं। ऐसे ही एक विराट व्यक्तित्व थे चिमाजी अप्पा! चिमाजी महान पेशवा बाजीराव के छोटे भाई थे।...